Wednesday, 22 August 2018

स्वर साम्राज्ञी स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर के हिंदी गाने (top songs)



निम्न गानो को आप बोल अनुसार mp3mad.com से या google से सर्च कर या सीधे youtube से डाउनलोड कर या फिल्म के नाम से webmusic.in से डाउनलोड कर सुन सकते है | 

१) कान्हा कान्हा आन पड़ी मै तेरे द्वार | 
२) चलते चलते यू ही कोई मिल गया था | 
३) अजी रूठ कर अब 
४) आप की नजरो ने समझा 
५) तेरा मेरा प्यार अमर 
६) लग जा गले 
७) ये दिल तुम बिन कही लगता नहीं (duet )
८) मौसम है आशिक़ाना 
९) थाडे रहियो वो बांके यार 
१०) चलो दिलदार चलो 
११) चलो सजना जहा तक 
१२) उड़के पवन के संग 
१३) दिल विल प्यार व्यार 
१४) नैनो में बदरा छाये 





१५) ये जिंदगी उसी की है | 
१६) आजा आई बहार 
१७) तुम्ही मेरे मंदिर 
१८) सावन का महीना 
१९) पंख होते तो उड़ आते रे 
२०) तू जहा जहा चलेगा 
२१) मौसम है आशिक़ाना 
२२) भाई बत्तूर भाई बत्तुर 
२३) उनसे मिली नजर की मेरे होश 
२४) मिलो न तुम तो 
२५) आएगा आएगा आनेवाला 



२६) तुमसे नाराज़ नहीं जिंदगी (female )
२७)  तेरे मेरे होठो पे 
२८) सौ साल पहले मुझे (duet )
२९) तेरे कारन तेरे  कारन 
३०) मेहबूब मेरे मेहबूब मेरे (duet )
३१)  करवटे बदलते रहे 
३२) झिलमिल सितारों का (duet ) 
३३)  एक प्यार का नगमा है 
३४) आप मुझे अच्छे लगने लगे 
३५) आजा रे परदेसी 
३६) बिंदिया चमकेगी 
३७) ओ बाबुल प्यारे 
३८) रंगीला रे तेरे रंग में 
३९) मिलती है जिंदगी में 
४०) बहारो मेरा जीवन भी सवारों 
४२) लो आ गयी उनकी याद 
४३) कांटो से खींच के ये आँचल 
४४) ज्योत से ज्योत जागते चलो 



४५) तेरा जाना दिल के अरमानो 
४६) जो वादा किया वो (duet )
४७) अजीब दास्तान है | 
४८) मेरे नसीब में तू है की नहीं 
४९) रहे न रहे हम 
५०) यारा सिली सिली 
५१) सुनियो जी अरज़ मारी मोहे बावरी बोले लोग 
५२) केशरिया बालमा 
५३) नैना बरसे रिमझिम 
५४) ओ माँ तू कितनी 
५५) चन्दन सा बदन ( female )
५६) छोड़ दे सारी दुनिया किसी 
५७) फूल तुम्हे भेजा है खत में (due



५८) छुप गए सारे नज़ारे (duet )
५९) हे मैंने कसम ली (duet )
६०) अब तो है तुमसे 
६२) लुटे कोई मन का नगर (duet )
६३) तेरे मेरे मिलन की ये रैना (duet ) 
६४) तेरी बिंदिया रे ( duet )
६५) हम बने तुम बने (duet )
६६) तेरे मेरे बिच में 
६७) एक दुखियारी कहे 
६८) सुन साहिबा सुन 
६९) एक राधा एक मीरा 
७०) हुस्न पहाड़ो का 



७१) एक तू  भरोसा हे ईश्वर 
७२) माये नी  माये 
७३) ओ पालनहारे 
७४) तेरे लिए हम है जिए 
७५) दो पल रुका ख्वाबो का 
७६) कभी खुसी कभी गम 
७७) खामोसिया गुनगुनाने लगी 
७८) हमको हमी से चुरा लो 
७९) जिया जले 
८०) दिल तो पागल है | 
८१) अरे रे अरे रे ये क्या हुआ 
८२) ढोलना 
८३) भोली सी सूरत 
८४) कोई लड़की है जब वो 
८५) मेहँदी लगा के रखना 



८६) मेरे ख्वाबो में जो आये 
८७) हो गया है तुझको तो 
८८) तुझे देखा तो ये जाना सनम 
८९) मेरे तो राधे श्याम 
९०) एक मुंडा मेरी उम्र दा 
९१) इस जहा की नहीं है तुम्हारी आँखे (duet ) 
९२) दुश्मन न करे दोस्त ने 
९३)  ये गलिया ये चौबारा 


लेखक;- संकलनकर्ता (collector ) _____रविकान्त यादव for more click me ;- http://justiceleague-justice.blogspot.com/ and https://www.facebook.com/ravikantyadava



Tuesday, 5 June 2018

प्राकृतिक आपदाए (natural disasters)


१) आँधिया ;- सबसे ज्यादा आंधी तूफान चीन में आते है , जिनकी कुछ की वेग 168 mph होती है | 
आइये जानते है , आँधिया कैसे आती है , जब कही गर्मी बढ़ जाती है , तो तापमान बढ़ जाता है , इससे वायु का दबाब कम हो जाता है , इसे संतुलित करने के लिए ठन्डे स्थानों से अधिक दबाब वाली हवा तेजी से गर्म क्षेत्रो की तरफ बढ़ने लगती है , इसके साथ धुल भी उड़ती है , यही हवा धूलभरी आंधी कहलाती है | 

हवा कैसे बहती है , जैसे ही गर्म हवा ऊपर उठती है , ठंडी हवा उसे भरने नीचे आती है , सूर्य की गर्मी की वजह से धरती और समुद्र के हिस्से अलग -अलग समय पर गरम होते है | और इस गरम स्थान को ठंडी हवा भरती  है ,तो हवा चलती है | 

२) तूफ़ान ;- जब नमी से भरी गर्म हवाएं तेजी से ऊपर उठती है ,तो तूफान आते है | बहुत तेज हवाएं ही तूफ़ान है , इसमें हवा तेजी से घूमती है , इसे बवंडर , चक्रवात , और हरीकेन भी कहते है | 







आसमान में अँधेरा छाना तूफान के लक्षण है | बादलो के अंदर पानी के कण तेजी से घूमते है और आपस में टकराते है , जिससे बिजली पैदा होती है , जो गड़गड़ाहट की आवाज़ के साथ जो धरती पर अधिकतर किसी वृक्ष पर गिरती है | 

३)भूकंप ;- सबसे ज्यादा भूकंप जापान में आते है , यहाँ 1500 भूकंप हर साल आते है , टोक्यो 1923 में भूकंप से 140000 लोग मारे गए थे , आइये जानते है , यह कैसे आता है , हमारी पृथ्वी चार परतो से बनी है , इनर कोर ,आउटर कोर , जो मैनटल और क्रस्ट  और ऊपरी मैंटल को लिथोस्फेयर कहते  है | ये 50  किलोमीटर  की मोटी  परत है , जो विभिन्न वर्गों में बँटी है | जिन्हे वैज्ञानिक प्लेट्स कहते है , | ये प्लेट्स  अपनी जगह से हिलती रहती है | हिलते समय ये अपनी जगह तलाशती है |  ऐसे में ये एक दूसरे के नीचे आ जाती है , लेकिन जब ये एक दूसरे से टकराती है , तो कम्पन पैदा होते है , लेकिन जब कम्पन ज्यादा हो तो भूकंप अर्थात धरती का कम्पन होता है | 
जिससे जान माल ईमारत आदि की हानि होती है | 









४)बादल फटना ;- इसकी सबसे बड़ी त्रासदी उत्तराखंड केदार नाथ में हुई थी ,जिसमे हजारो लोग मारे गए थे , जब बादल भारी मात्रा में पानी लेकर चलता है , तो किसी गतिरोध जैसे गर्म हवा से टकराना , हिमालय पर्वतो से टकराना तो वो फट पड़ते है , इस स्तिथि में कई लाख लीटर पानी एक साथ 75 मि  ,मी  घंटा की दर से एक स्थान क्षेत्र में गिरता है , जिससे खतरनाक तेज बहाव वाली बाढ़ आ जाती है | 






5)सुनामी ;- सबसे ज्यादा सुनामी जापान में आती है , यह एक जापानी शब्द है , जिसका आशय तटीय लहरे होता है , सुनामी कैसे आती है , जब समुद्र तल या सतह पर अचानक भूकंप , समुद्र तल की जमीन धसने , ज्वालामुखी फटने या अंतरिक्ष से किसी बड़ी उल्का के समुद्र में गिरने से सुनामी का निर्माण होता है , बड़े चक्रवात भी इसके कारण हो सकते है , अचानक इन बड़ी हलचलों से पानी की प्रचंड लहरे शहरी किनारे की ओर जाती है | 





6) ज्वालामुखी ;- सबसे ज्यादा सक्रीय ज्वालामुखी इंडोनेशिया में है , ज्वालामुखी एक पहाड़ होता है , जिसमे पृथ्वी के नीचे दबी उच्च ऊर्जा से पत्थर पिघलते है , जो लावे के रूप में उनमे मौजूद रहते है , जब जमीन नीचे से ऊपर की ओर दबाब बढ़ता है , तो पहाड़ ऊपर से फट पड़ता है , और पिघले पत्थर और गैसे जो निकलते है को magma लावा कहते है , साथ ही राख भी हवा में मिलती है ,जमींन  के नीचे भूस्खलन और बाढ़ भी आती है दुनियाभर में 500 से ज्यादा सक्रीय ज्वालामुखी है , इनमे अमेरिका , रूस, इंडोनेशिया, जापान, चिली  है | 

ज्वालामुखी आसमान को राख से और जमींन पर लावा से बस्तियों को जला डालती है |







लेखक;-प्राकृतिक ___रविकान्त यादव for more click;-http://justiceleague-justice.blogspot.com/ and 
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Wednesday, 30 May 2018

चार धाम (four pilgrimage)

 चारधाम जो चार दिशाओ में स्थित है | 
१) बद्रीनाथ धाम 
२) द्वारका धाम 
३) जगनाथपुरी धाम
४) रामेश्वरम धाम 

चारधाम की यात्रा का हिन्दू धर्म में काफी महत्व है , माना जाता है ,इन चार धामों की यात्रा से श्रद्धालु के समस्त पाप नष्ट हो जाते है , व आत्मा को जीवन मृत्यु के बंधन से मुक्ति मिल जाती है | 



१) बद्रीनाथ तीर्थस्थल ;- यह तीर्थ भगवान विष्णु को समर्पित है , यह स्थान अलखनंदा नदी के तट पर उत्तराखंड राज्य में स्थित है | जिसे बद्री नारायण मंदिर भी कहते है , यह २००० सालो से भी अधिक समय से प्रसिद्द तीर्थ स्थान है , जब भगवान विष्णु यही तपस्या कर रहे थे , तो उनकी हिम वर्षा से रक्षा हेतु लक्ष्मी जी ने बद्री अर्थात बेर का वृक्ष बन कर उनके ऊपर छाया कर सभी हिम अपने ऊपर ले लिया था , अतः यह स्थान बेर के पेंड के नाम से बद्रीनाथ से प्रसिद्द हुआ , यहाँ विष्णु जी व लक्ष्मी जी की साथ में पूजा होती है | 






२)द्वारका ;- यह तीर्थस्थल राज्य गुजरात में देवभूमि द्वारका जिले में स्थित एक नगर है ,तथा तीर्थ स्थल है , यह स्थल पक्षिमी समुद्र किनारे बसी है | 
जिसे भगवन कृष्ण ने बनाया था , इस नगरी के कई द्वार होने की वजह से इसका नाम द्वारका पड़ा | जरासंध के आक्रमण से तंग आकर कृष्ण ने मथुरा छोड़ कर अपने प्रजा सहित द्वारका आकर इस नगरी को बसाया था | 







३) जगन्नाथ पूरी धाम ;- यह भगवान् कृष्ण को समर्पित मंदिर है , जो भारत के उड़ीसा राज्य के पूरी शहर में स्थित है | जगन्नाथ शब्द का अर्थ जगत का स्वामी होता है | 
इस स्थान पर माता यसोदा व देवकी ने कृष्ण बाल लीला को उनके रानियों को सुनाया  था , यहाँ कृष्ण , बलराम ,व सुभद्रा के अधूरी लकड़ी के विग्रह को मंदिर में स्थापित किया गया है , जिसकी पूजा होती है | 
जिसे विश्वकर्मा जी ने अधूरा ही बना कर छोड़ दिया था | क्यों की उनकी शर्त थी जिस कमरे में वो विग्रह बनायेगे उसमे कोई आएगा नहीं , कई दिन उस कमरे से आवाज़ नहीं आयी तो राजा ने वह कमरा खोल दिया शर्त अनुसार विश्वकर्मा अधूरे विग्रह ही छोड़ कर चले गए बाद में ईश्वर की यही मर्जी मानकर अधूरे सुभद्रा , बलराम, व कृष्ण की  मूर्ति की पूजा की जाने लगी | 








४) रामेश्वरम धाम ;- यह तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले में स्थित है , लंका विजय  हेतु श्रीराम ने यहाँ शिव  पूजा की थी |  यहाँ स्थित शिवलिंग बारह  ज्योतिर्लिंगों में एक है , तथा एक अन्य कथा  अनुसार रावण को  मारने के बाद  ब्रम्हहत्या के पाप से बचने के लिए भगवन श्रीराम ने यहाँ शिव लिंग स्थापित किया था | 
रामेश्वरम को दक्षिण भारत का काशी माना जाता है | 


लेखक;-धार्मिक ___रविकान्त यादव for more click me ;-http://justiceleague-justice.blogspot.com/
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Tuesday, 29 May 2018

हिमेश रेशमिया के गाने (top song rock the music DJ)


इन गानो को आप google से सर्च कर या फिर mp3mad.com से बोल अनुसार या सीधे youtube से सभी को डाउनलोड कर सुन सकते है | 



1) मन तड़प जाए जिया धड़क जाये 

2 )आशिक बनाया, आशिक बनाया आपने (remix )

३) दिल की सुर्ख दीवारों पे नाम है , तेरा तेरा (remix )

४) समझो ना कुछ तो समझो  ना 




5) आवन अँखिया जावन अखिया इश्क़ में तेरे ( duet )

६) मोहतरमा अस्सलाम वालेकुम (remix )

७) तेरा तेरा तेरा सुरूर ( remix )

8) मै जहा रहु , तेरी याद साथ है (duet )




9) आप से मौसकी (remix )

10) ये विरानिया 

11) तुझे याद करके कोला लाका वेलारी 

12) मेरे लम्हो की आरज़ू 




13) आफरीन तेरा चेहरा (remix )

14) तेरे बिन चैन न आवे 

15) देखु तुझे तो प्यार आवे 

१६) दिल तुम्हारे बिना 



17) तड़प तड़प तड़प हो तुम 

18) वादा तैनू याद रखया 

19)  जब से तुमको देखा दर्द ऐ दिल लिया रे 

२०) जुम्मेरात रात , रात है , आज़ा 


लेखक;-selected by ___रविकान्त यादव for more click me ;- http://justiceleague-justice.blogspot.com/ and https://www.facebook.com/ravikantyadava 





Thursday, 24 May 2018

प्रदोष व्रत कथा (fasting days)


प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित व्रत है | 
प्रदोष व्रत हर माह शुक्ल पक्ष व कृष्ण पक्ष के तेरहवे दिन पड़ता है | 
महीने में दो व साल में 24 व्रत पड़ते है , जो तेरस या त्रयोदशी को पड़ता है | 
ब्रह्मा पुत्र दक्ष प्रजापति के 27  नक्षत्र कन्याओं का विवाह चन्द्रमा से हुआ , जिससे चन्द्रमा  केवल रोहिणी से प्रेम करता था , जिसे अन्य पत्नियों ने दक्ष प्रजापति से कहा , दक्ष ने चन्द्रमा को कई बार समझाया पर चन्द्रमा ने नहीं समझा ,जिससे क्रोधित होकर दक्ष ने चन्द्रमा को क्षय होने का शाप दे दिया | 
चन्द्रमा अपनी आभा खोने लगा जिससे चारो तरफ हाहाकार मच गया , तब ब्रह्मा ने चन्द्रमा को शिव तपस्या करने को कहा , तब चण्द्रमा गुजरात के सौराष्ट्र की जगह वर्तमान में सोमनाथ मंदिर (सोमेश्वर महादेव ) जो बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रथम है |  सोम चन्द्रमा को भी कहते है , इसी से इस ज्योतिर्लिंग तप स्थल का नाम पड़ा | 
इस स्थान पर शिव चन्द्रमा के तप से प्रसन्न होते है |





व प्रदोष के समय प्रदोष से आशय शाम का समय ,क्षीण हो चुके चन्द्रमा को इसी समय शिव अपने माथे पर धारण करते है | 
व उसे दोष मुक्त करते है , जिससे शिव को चंद्रमौली और चंद्रशेखर भी कहा जाने लगा , शिव चन्द्रमा को धीरे धीरे आभावान पुनः स्वस्थ्य होने का वरदान देते है | अतः इस दिन प्रदोष व्रत के समय शाम को सूर्य डूबने से ३ घण्टे पूर्व का समय को शिव का पुनः पुजा का विधान है | 



प्रदोष व्रत यदि रविवार को पड़ता है , तो इसे करने से ;- सुख शांति व सदा निरोग रहेंगे | 
यदि यह व्रत सोमवार को पड़ता है तो ;- इच्छा फलित होगी | 
यदि मंगलवार को पड़ता है तो ;- रोगमुक्त सदा स्वस्थ्य रहेगे | 
यदि बुधवार को पड़ता है तो ;- ज्ञान हेतु , व कामना सिद्ध होगी | 
यदि वृहस्पतिवार को पड़ता है तो ;- शत्रु नाश होगा | 
यदि शुक्रवार को पड़ता है , तो ;-सौभाग्य में वृद्धि होगी , सफलता | 
यदि शनिवार को पड़ता है तो ;- जीवन में सफलता मिलेगी | 


लेखक;- शिवभक्त ______रविकान्त यादव  for more click me ;- http://justiceleague-justice.blogspot.in/ and https://www.facebook.com/ravikantyadava