Saturday, 5 June 2021

दायरा (area)



जंगल में कोई कानून नहीं था , कोई किसी का सगा न था ,बस लूटो मारो खावो की रणनीति चल रही थी | इससे क्षुब्ध होकर तमाम छोटे जानवरो ने वनदेवी की प्रार्थना की , वनदेवी उपस्थित होती है , छोटे जानवर अपनी समस्या रखते है , | वनदेवी वरदान स्वरुप कहती है , जाओ अब जो भी जानवर किसी दूसरे जानवर के दायरे में जायेगा वह उस वहा जाने वाले जानवर के साथ ,कुछ भी कर सकता है , वह जानवर भले ही कितना ताकतवर हो  लाचार व पंगु हो जायेगा अब तमाम जानवर ही जंगल के राजा बन गए, कोई किसी के दायरे में नहीं जाता था |  बस किसी को कोई फर्क नहीं पड़ा तो वो था जंगल का राजा शेर, 

शेर एक बार पानी पिने कछुवो के दायरे में चला गया तो कछुवे उसे जिन्दा ही पानी में घसीटने लगे , शेर ने पूछा ऐसा क्या कसूर हुआ है , तो कछुवे बोले जब तुम पानी पीने आते  थे , तो हमें ध्यान नहीं देते थे ,अपने पैरो के नीचे रखते थे | शेर किसी तरह गिड़गिड़ा कर वहा से भागा शेर जब वहा से गुजरा तो वह चीटियों के दायरे में चला गया चीटिया तुरंत ही उसे  जिन्दा ही उठाकर खाने लगी , शेर बोला मेरी तुमसे क्या दुश्मनी है | चींटिया बोली तुम बहुत घमंडी हो तुम्हारे चाल की वजह से हमारे घरौंदे उजड गए व कई चींटिया तुम्हारे नाखून से घायल हो गयी शेर पूरी ताक़त से वहा से किसी तरह  भागा अब शेर ने सोचा चलो अब किसी बहुत कमजोर व डरपोक के दायरे में चलू ,  अब वह चूहों  के दायरे  था , चूहों ने शेर को पकड़ लिया तथा कहा क्यों बे हम तेरे रास्ते से  गुजरते है तो तू हमें नमस्कार  क्यों नहीं करता बे , चूहे ने उसे पकड़ कर पटक पटक कर बड़ी मार मारा , शेर ने सोचा चलो  अब बगल में ही अपने खरगोश मित्र के यहाँ चलु , खरगोश के यहाँ जाते  ही खरगोश ने उसे जहर वाला जलपान पेश किया शेर की हालत बिगड़ने पर खरगोश  हसते  हुए बोला  तेरे घर गया था तो तू बड़ा उल्टा सीधा बोल रहा था , तेरी हिम्मत कैसे हुई मुझसे ऊंची आवाज में बात करने की अपने को बड़ा बन रहा  था ,बड़ा तीस मार खान था ले मर अब तेरे घर पर मेरा कब्ज़ा हुआ शेर बच गया व भागा | 

अचानक शेर फिसल गया व मिट्टी से भरे केंचुवे के दायरे में पहुंच गया | केंचुवे ने कहा ये कुत्ते तू मेरे इलाके में क्या कर रहा है , तब शेर ने कहा ध्यान दे केंचुवे भाई मै जंगल का राजा शेर हु , केंचुवे ने कहा नज़रे नीची कर बात कर, तू होगा शेर वेर भाग मेरे दायरे से वरना  घसीट घसीट कर  मारुंगा ,परन्तु शेर अब डर व दिग्भर्मित हो गया था , उसने एक बूढ़े भेड़िये से पूछा  ओ  भेड़िये बाबा इधर से मेरा रास्ता जरा बता दो , भेड़िये ने कहा  जरा अपना सोने  की अंगूठी दो शेर ने दे दिया  तब भेड़िये ने कहा भाग यहाँ से मुझसे तुझसे कोई मतलब नहीं तू कौन मेरा है |   अब शेर ने कसम खाई अब मै  केवल अपने दायरे  में रहुगा ,उधर से एक बिल्ली गुज़री शेर ने कहा ओ बिल्ली मौसी  कैसी हो , बिल्ली ने उसे  किसी तरह पहचाना  ,बोली मै मूछ वाली सुमन बिल्ली हु , मासूम कमजोर मेरे शिकार होते है , मै अपने अनुशासन  के लिए जानी जाती हु | बिल्ली बोली  अब चल हट तू , तू इतना बड़ा नहीं की तेरे से बात करू |

उधर से एक जिराफ गुजरा शेर ने कहा सोचा कम से कम जिराफ  तो उसकी कदर करेगा , उसने कहा जिराफ भाई मुझसे दोस्ती करोगे , लेकिन जिराफ  ने कहा देख भाई तू ठहरा टिन्गु ,मै कहा लम्बा ,तू मेरी दोस्ती के काबिल नहीं है | 

शेर अब सतर्क था , परन्तु गलती से चिडियो  के दायरे में पहुंच गया , गुस्साई चिडियो ने उसे पंजे में पकड़कर सैकड़ो फ़ीट हवा  में ऊपर टांग दिया वो उसे ऊपर से फेकने ही वाली थी ,कि शेर गिड़गिड़ाया वो चिड़िया जी मेरी आपसे क्या दुश्मनी  चिड़िया बोली तुम्हारे छलांग की  वजह से हमारे घोसले व अंडे टूट गए थे | व तुम अकड़ते  हुए चले गए थे | चिड़िया उसे ऊपर ले जाकर गिरा देती है , शेर किसी तरह बेल पकड़ जिन्दा बचा , वह वहा से भागा गिरते पड़ते वह हाथियों के दायरे में आ गया , हाथी बोला क्यों बे इधर क्या  कर रहा है | जान की परवाह नहीं क्या ? शेर बोला माई -बाप मैंने आपका क्या बिगाड़ा है | हाथी बोला अरे तू बिगाड़ ही क्या  लेगा बे  चल अब पैर पर मालिश कर और चलता बन नहीं तो यही कीमा बना दुगा | शेर किसी तरह नजर बचा हाथी के चंगुल से बेतहासा भागा , शेर अब समझ गया था , उसे अब अपने  दायरे में ही रहना होगा , न चाहते  हुए भी लोग दुश्मन बन ही जाते है |  पता न कब कौन किसके दायरे में आ जाये वो जान गया, न वो समाज का है और न समाज उसका , निश्वार्थ समझौता कही नहीं है |



लेखक ;-अपने दायरे से ____ रविकान्त यादव for more click ;-https://www.facebook.com/ravikantyadava

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Thursday, 20 May 2021

G.D.P. सकल घरेलु उत्पाद (gross domestic product )

G.D.P.  किसी  देश की आर्थिक सेहत मापने का सबसे जरुरी पैमाना है | भारत में यह हर तीन  महीने पर मापी जाती है | g.d.p. देश के अंदर हो रही कृषि , उद्योग ( उत्पादन ) व सेवा (मेहनताना ) पर मापी जाती है | भारत के लिए इसे भारतीय रूपये में मापा जाता है | 

G.D.P. मापने का फार्मूला (सूत्र )

G.D.P. = C + i +G +(x -m )

c  for =consumer expenditure 

i for = industries investment 

g for = government expenditure 

x for = export 

m for =import 

लेखक ;- देशवासी __रविकांत यादव 

धर्म की मूल बाते (conclusion of religion )

१) श्री कृष्ण कहते है , फल की कामना न करते हुए , फल में लिप्त हुए बिना पवित्र मन, वचन , कर्म से अपने जिम्मेदारियो का निर्वहन करने वाला मोक्ष का अधिकारी होता है | 

२) गौतम  बुद्ध कहते है , अपना दीपक स्वयं बनो , मध्यम मार्ग अपनाये  या मध्यम मार्ग पर चले | 


३) भगवान महावीर कहते है , अहिंसा सबसे बड़ा धर्म है , जीयो और जीने दो | 


४) बाबा गुरुनानक देव जी  कहते है , धर्म और जाति के नाम पर भेदभाव नहीं करना चाहिए , सभी सामान है | 

५) प्रभु यशु मसीह कहते है , सभी प्रेम व करुणा का कारण बनो | 

६) साई बाबा कहते है , श्रद्धा के साथ संयम (धीरज ) भी रखे | 

७) हजरत मोहम्मद कहते है , सर्वोत्तम व्यक्ति वह है , जिससे मानवता  की भलाई हो , अल्लाह के सभी प्राणी उसका परिवार है , अल्लाह उसे सबसे अधिक चाहता है ,जो अल्लाह के प्राणीयो  की  ज्यादा से ज्यादा  भलाई करता  है | 

लेखक ;- धार्मिक _____रविकान्त यादव 






हनुमान राम भक्त क्यों है ? (why hanuman devotee to ram )

एक समय एक बहुत शक्तिशाली  दानव हुआ , जिसका नाम गधर्व निशवान था | जिसे लेकर शिवजी व विष्णु भगवान में शर्त लगती | शिव जी बोलते , यदि तुम गधर्व  निशवान को हरा दोगे तो मै  तुम्हारा दास बनुगा वरना तुम्हे मेरा दास बनना होगा , विष्णु भगवान शर्त स्वीकार लेते है , | 

विष्णु भगवान मोहिनी रूप धारण कर गधर्व निश्वान को जमकर मदिरा पिलाते है , फिर सुकर का भेष बनाकर गधर्व निशवान का पेट फाड़कर मार डालते है , इस तरह शिव जी शर्त हार  जाते है | तब विष्णु भगवान शिव जी से बोलते है ,चूँकि आपकी भावना लोक कल्याण की थी ,इसलिए आप मेरी सहायता त्रेतायुग में राम अवतार के समय करेंगे , इस तरह हनुमान शिव के ग्यारहवे रुद्रावतार के रूप में राम की सहायता करते है | 

लेखक ;- हनुमान भक्त ___ रविकान्त यादव 

Wednesday, 27 January 2021

राम की हार (ram defeats)

शबरी जो जीवात्मा , धर्मात्मा , पुण्यात्मा से बढ़कर महात्मा थी , | उसके पिताजी जो भील जाति प्रमुख थे उसकी शादी  के लिए सौ पशुओ की बलि देने वाले थे , उन निरीह पशुओ की रक्षा के लिए शबरी घर से भाग गयी और वन में पहुंच गयी , शबरी के भील ,नीची जाति  ,अछूत होने के कारण कोई भी ऋषि मुनि उसे आश्रय देने अपनाने से इंकार कर दिया ऐसे में मतंग ऋषि उसे आश्रय देते है , व बताते है , एक दिन उनके आश्रम पर श्रीराम आएंगे व उसे मोक्ष मिलेगा | 
एक बार शबरी एक तालाब से पानी ले रही थी तब अन्य ऋषि साधु उसे पत्थर से मारते है , जिससे शबरी के खून से वह तालाब खून का हो जाता है , | 


जब श्रीराम उस वन में पधारते है , तब ऋषि लोग उन्हें उस तालाब तक ले जाते है | तथा सात नदियों के जल से उस तालाब में जल मिलाते है , अभिषेक करते है | व श्रीराम के पैरो से उस तालाब को छुवाते है , परन्तु वह खून (लहू )का
तालाब वैसा का वैसा ही रहता है , श्री राम बहुत कोसिस करते है , परन्तु लहू (खून ) का तालाब नहीं बदलता तब श्रीराम शबरी को बुलवाते है ,शबरी के पैरो  के धुल से वह खून का तालाब पुनः स्वच्छ निर्मल पवित्र जल बन जाता है |

 

वहा से शबरी श्रीराम को मतंग ऋषि के आश्रम ले जाती है , व सप्रेम बेर खिलाती है , व मोक्ष को प्राप्त होती है | 
आज शबरी का मंदिर छत्तीसगढ़ के खरौदनगर में शौरीमंडप नाम से आज भी विख्यात है |
लेखक;- आदरसहित ___रविकान्त यादव for more click me ;-http://justiceleague-justice.blogspot.com/
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Monday, 18 January 2021

देश विदेश प्रश्नोत्तरी (country and world quiz)



उत्तर  न देखे  प्रत्येक प्रश्न  एक नंबर का है , स्वयं को जांचे | 

१) पूर्णावतार किस भगवान को कहते है ?
 राम / कृष्ण 

२) सबसे पहले कोरोना का टिका बनाने वाली pfizer  कहा की कंपनी है ?
अमेरिका /जापान 

३) किस भगवान  का जन्मदिन वर्ष में दो बार मनाया  जाता है ?
परशुराम /  हनुमान 

४)  सबसे  उम्रदराज़  जीवित  फिल्म अभिनेता कौन है ?
दिलीप कुमार / धर्मेंद्र 

 ५) सबसे छोटा देश कौन  है ?
सिंगापुर /  वेटिकन सिटी 

६) सबसे बड़ा कृषक देश कौन है ?
चीन /भारत 

७) सबसे विकसित महाद्वीप कौन है ?
उत्तरी अमेरिका /यूरोप 

८) हिन्दू धर्म का धार्मिक सार महीना कौन है ?
कार्तिक /फाल्गुन 

९) आयुर्वेद का जनक कौन सा देश है ?
जर्मनी / भारत 

१०) होमियोपैथी का  जनक देश कौन है ?
भारत / जर्मनी 

११) सबसे कीमती रत्न  कौन सा है ?
नीला हीरा /माणिक 


१२) अल्फ्रेड नावेल जिनके नाम से नोबेल प्राइज दिया जाता है , ने क्या आविष्कार किया था ?
डायनामाइट बम / सुपरसोनिक मिसाइल 

१३) भारत में खेल रत्न जो खेल में सबसे बड़ा पुरस्कार है किसके नाम से दिया जाता है ?
अर्जुन / राजीव गाँधी 

१४)  सबसे बड़ा सांप कौन है ?
किंग कोब्रा /एनाकोंडा 

१५) सात बार मिस्टर ओलम्पिया , राजनेता और फिल्म अभिनेता कौन है ?
सिल्वेस्टर स्टालेन / अर्नाल्ड स्वाजनेगर 

१६) भारत की सबसे महँगी फिल्म है ?
२.0 / बाहुबली 

१७) कौन सा जीव उड़ तो सकता है , परन्तु चल व  खड़ा नहीं हो सकता ?
टिटिहरी /चमगादड़ 

१८) एकदिवसीय क्रिकेट में एक पारी में व्यक्तिगत सबसे अधिक रन का रिकॉर्ड किसके नाम है ?
 रोहित शर्मा / ब्रायन लारा 

१९)विश्व का सर्वाधिक पिया जाने वाला पेय ?
चाय /  शर्बत 

२०)  ये किस गायिका की तस्वीर है ?


मधुश्री / साधना सरगम 

उत्तर है ;- १) कृष्ण २) अमेरिका ३)हनुमान ४) दिलीप कुमार ५)वेटिकन सिटी  ६) चीन ७) यूरोप ८) कार्तिक ९) भारत १०)जर्मनी ११)नीला हीरा १२) डायनामाइट बम १३) राजीवगांधी १४) एनाकोंडा १५)अर्नाल्ड स्वाजनेगर १६) २.0 १७)चमगादड़ १८)रोहित शर्मा १९) चाय २०) साधना सरगम 

लेखक;-क्विजमास्टर_____ रविकान्त यादव 



Monday, 16 November 2020

हिन्दू धर्म (hindu religion)



१) चारवेद 
रचयिता ;- वेदव्यास 

२) १०८ उपनिषद 
रचियता ;- वेदव्यास 
उपलब्ध उपनिषद-ग्रन्थों की संख्या में से ईशादि 10 उपनिषद सर्वमान्य हैं। उपनिषदों की कुल संख्या 108 है। प्रमुख उपनिषद हैं- ईश , केन , कठ , माण्डूक्य , तैत्तिरीय , ऐतरेय , छान्दोग्य , श्वेताश्वतर , बृहदारण्यक , कौषीतकि , मुण्डक , प्रश्न , मैत्राणीय आदि।


३)१८ पुराण (ग्रन्थ)
रचियता ;- वेदव्यास जी 



४) ४ संहिता जो वेदो के मन्त्र है | 
५) पांच प्रकार के यज्ञ ;- 

१)ब्रम्ह यज्ञ , २) देवयज्ञ ३ )पितृयज्ञ ४ )भूत यज्ञ ५)अतिथि यज्ञ 
५) १६ संस्कार 


६) दो प्रमुख महाकाव्य 

रचयिता ;- वाल्मीकि और वेदव्यास 
७) दो महापर्व ;-होली , दिवाली 

८) द्वादश 12  ज्योतिर्लिंग 


९) ५२ शक्तिपीठ 



देवी भागवत पुराण में 108, कालिकापुराण में छब्बीस, शिवचरित्र में इक्यावन, दुर्गा शप्तसती और तंत्रचूड़ामणि में शक्ति पीठों की संख्या 52 बताई गई है।

साधारत: 51 शक्ति पीठ माने जाते हैं। तंत्रचूड़ामणि में लगभग 52 शक्ति पीठों के बारे में बताया गया है। प्रस्तुत है तंत्रचूड़ामणि की तालिका।



1.हिंगलाज
हिंगुला या जो कराची से 125 किमी उत्तर पूर्व में स्थित है, जहाँ माता का ब्रह्मरंध (सिर) गिरा था। इसकी शक्ति- कोटरी (भैरवी-कोट्टवीशा) है और भैरव को भीमलोचन कहते हैं।

2.शर्कररे (करवीर)
पाकिस्तान में कराची के सुक्कर स्टेशन के निकट स्थित है शर्कररे शक्तिपीठ, जहाँ माता की आँख गिरी थी। इसकी शक्ति- महिषासुरमर्दिनी और भैरव को क्रोधिश कहते हैं।

3.सुगंधा- सुनंदा
बांग्लादेश के शिकारपुर में बरिसल से 20 किमी दूर सोंध नदी के किनारे स्थित है माँ सुगंध, जहाँ माता की नासिका गिरी थी। इसकी शक्ति है सुनंदा और भैरव को त्र्यंबक कहते हैं।

4.कश्मीर- महामाया
भारत के कश्मीर में पहलगाँव के निकट माता का कंठ गिरा था। इसकी शक्ति है महामाया और भैरव को त्रिसंध्येश्वर कहते हैं।

5.ज्वालामुखी- सिद्धिदा (अंबिका)
भारत के हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में माता की जीभ गिरी थी, उसे ज्वालाजी स्थान कहते हैं। इसकी शक्ति है सिद्धिदा (अंबिका) और भैरव को उन्मत्त कहते हैं।

6.जालंधर- त्रिपुरमालिनी
पंजाब के जालंधर में छावनी स्टेशन के निकट देवी तलाब जहाँ माता का बायाँ वक्ष (स्तन) गिरा था। इसकी शक्ति है त्रिपुरमालिनी और भैरव को भीषण कहते हैं।

7.वैद्यनाथ- जयदुर्गा
झारखंड के देवघर में स्थित वैद्यनाथधाम जहाँ माता का हृदय गिरा था। इसकी शक्ति है जय दुर्गा और भैरव को वैद्यनाथ कहते हैं।

8.नेपाल- महामाया
नेपाल में पशुपतिनाथ मंदिर के निकट स्‍थित है गुजरेश्वरी मंदिर जहाँ माता के दोनों घुटने (जानु) गिरे थे। इसकी शक्ति है महशिरा (महामाया) और भैरव को कपाली कहते हैं।

9.मानस- दाक्षायणी
तिब्बत स्थित कैलाश मानसरोवर के मानसा के निकट एक पाषाण शिला पर माता का दायाँ हाथ गिरा था। इसकी शक्ति है दाक्षायनी और भैरव अमर हैं।

10.विरजा- विरजाक्षेत्र
भारतीय प्रदेश उड़ीसा के विराज में उत्कल स्थित जगह पर माता की नाभि गिरी थी। इसकी शक्ति है विमला और भैरव को जगन्नाथ कहते हैं।

11.गंडकी- गंडकी
नेपाल में गंडकी नदी के तट पर पोखरा नामक स्थान पर स्थित मुक्तिनाथ मंदिर, जहाँ माता का मस्तक या गंडस्थल अर्थात कनपटी गिरी थी। इसकी शक्ति है गण्डकी चण्डी और भैरव चक्रपाणि हैं।

12.बहुला- बहुला (चंडिका)
भारतीय प्रदेश पश्चिम बंगाल से वर्धमान जिला से 8 किमी दूर कटुआ केतुग्राम के निकट अजेय नदी तट पर स्थित बाहुल स्थान पर माता का बायाँ हाथ गिरा था। इसकी शक्ति है देवी बाहुला और भैरव को भीरुक कहते हैं।

13.उज्जयिनी- मांगल्य चंडिका
भारतीय प्रदेश पश्चिम बंगाल में वर्धमान जिले से 16 किमी गुस्कुर स्टेशन से उज्जय‍िनी नामक स्थान पर माता की दायीं कलाई गिरी थी। इसकी शक्ति है मंगल चंद्रिका और भैरव को कपिलांबर कहते हैं।

14.त्रिपुरा- त्रिपुर सुंदरी
भारतीय राज्य त्रिपुरा के उदरपुर के निकट राधाकिशोरपुर गाँव के माताबाढ़ी पर्वत शिखर पर माता का दायाँ पैर गिरा था। इसकी शक्ति है त्रिपुर सुंदरी और भैरव को त्रिपुरेश कहते हैं।

15.चट्टल - भवानी
बांग्लादेश में चिट्टागौंग (चटगाँव) जिला के सीताकुंड स्टेशन के निकट ‍चंद्रनाथ पर्वत शिखर पर छत्राल (चट्टल या चहल) में माता की दायीं भुजा गिरी थी। इसकी शक्ति भवानी है और भैरव को चंद्रशेखर कहते हैं।

16.त्रिस्रोता- भ्रामरी
भारतीय राज्य पश्चिम बंगाल के जलपाइगुड़ी के बोडा मंडल के सालबाढ़ी ग्राम स्‍थित त्रिस्रोत स्थान पर माता का बायाँ पैर गिरा था। इसकी शक्ति है भ्रामरी और भैरव को अंबर और भैरवेश्वर कहते हैं।

17.कामगिरि- कामाख्‍या
भारतीय राज्य असम के गुवाहाटी जिले के कामगिरि क्षेत्र में स्‍थित नीलांचल पर्वत के कामाख्या स्थान पर माता का योनि भाग गिरा था। इसकी शक्ति है कामाख्या और भैरव को उमानंद कहते हैं।

18.प्रयाग- ललिता
भारतीय राज्य उत्तरप्रदेश के इलाहबाद शहर (प्रयाग) के संगम तट पर माता की हाथ की अँगुली गिरी थी। इसकी शक्ति है ललिता और भैरव को भव कहते हैं।

19.जयंती- जयंती
बांग्लादेश के सिल्हैट जिले के जयंतीया परगना के भोरभोग गाँव कालाजोर के खासी पर्वत पर जयंती मंदिर जहाँ माता की बायीं जंघा गिरी थी। इसकी शक्ति है जयंती और भैरव को क्रमदीश्वर कहते हैं।

20.युगाद्या- भूतधात्री
पश्चिम बंगाल के वर्धमान जिले के खीरग्राम स्थित जुगाड्‍या (युगाद्या) स्थान पर माता के दाएँ पैर का अँगूठा गिरा था। इसकी शक्ति है भूतधात्री और भैरव को क्षीर खंडक कहते हैं।

21.कालीपीठ- कालिका
कोलकाता के कालीघाट में माता के बाएँ पैर का अँगूठा गिरा था। इसकी शक्ति है कालिका और भैरव को नकुशील कहते हैं।

22.किरीट- विमला (भुवनेशी)
पश्चिम बंगाल के मुर्शीदाबाद जिला के लालबाग कोर्ट रोड स्टेशन के किरीटकोण ग्राम के पास माता का मुकुट गिरा था। इसकी शक्ति है विमला और भैरव को संवर्त्त कहते हैं।

23.वाराणसी- विशालाक्षी उत्तरप्रदेश के काशी में मणि‍कर्णिक घाट पर माता के कान के मणिजड़ीत कुंडल गिरे थे। इसकी शक्ति है विशालाक्षी‍ मणिकर्णी और भैरव को काल भैरव कहते हैं

24.कन्याश्रम- सर्वाणी
कन्याश्रम में माता का पृष्ठ भाग गिरा था। इसकी शक्ति है सर्वाणी और भैरव को निमिष कहते हैं

25.कुरुक्षेत्र- सावित्री
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में माता की एड़ी (गुल्फ) गिरी थी। इसकी शक्ति है सावित्री और भैरव है स्थाणु।

26.मणिदेविक- गायत्री
अजमेर के निकट पुष्कर के मणिबन्ध स्थान के गायत्री पर्वत पर दो मणिबंध गिरे थे। इसकी शक्ति है गायत्री और भैरव को सर्वानंद कहते हैं।
27.श्रीशैल- महालक्ष्मी
बांग्लादेश के सिल्हैट जिले के उत्तर-पूर्व में जैनपुर गाँव के पास शैल नामक स्थान पर माता का गला (ग्रीवा) गिरा था। इसकी शक्ति है महालक्ष्मी और भैरव को शम्बरानंद कहते हैं।

28.कांची- देवगर्भा
पश्चिम बंगाल के बीरभुम जिला के बोलारपुर स्टेशन के उत्तर पूर्व स्थित कोपई नदी तट पर कांची नामक स्थान पर माता की अस्थि गिरी थी। इसकी शक्ति है देवगर्भा और भैरव को रुरु कहते हैं।
29.कालमाधव- देवी काली
मध्यप्रदेश के अमरकंटक के कालमाधव स्थित शोन नदी तट के पास माता का बायाँ नितंब गिरा था जहाँ एक गुफा है। इसकी शक्ति है काली और भैरव को असितांग कहते हैं।

30.शोणदेश- नर्मदा (शोणाक्षी)
मध्यप्रदेश के अमरकंटक स्थित नर्मदा के उद्गम पर शोणदेश स्थान पर माता का दायाँ नितंब गिरा था। इसकी शक्ति है नर्मदा और भैरव को भद्रसेन कहते हैं।
31.रामगिरि- शिवानी
उत्तरप्रदेश के झाँसी-मणिकपुर रेलवे स्टेशन चित्रकूट के पास रामगिरि स्थान पर माता का दायाँ वक्ष गिरा था। इसकी शक्ति है शिवानी और भैरव को चंड कहते हैं।

32.वृंदावन- उमा
उत्तरप्रदेश के मथुरा के निकट वृंदावन के भूतेश्वर स्थान पर माता के गुच्छ और चूड़ामणि गिरे थे। इसकी शक्ति है उमा और भैरव को भूतेश कहते हैं।
33.शुचि- नारायणी
तमिलनाडु के कन्याकुमारी-तिरुवनंतपुरम मार्ग पर शुचितीर्थम शिव मंदिर है, जहाँ पर माता की ऊपरी दंत (ऊर्ध्वदंत) गिरे थे। इसकी शक्ति है नारायणी और भैरव को संहार कहते हैं।

34.पंचसागर- वाराही
पंचसागर (अज्ञात स्थान) में माता की निचले दंत (अधोदंत) गिरे थे। इसकी शक्ति है वराही और भैरव को महारुद्र कहते हैं।
35.करतोयातट- अपर्णा
बांग्लादेश के शेरपुर बागुरा स्टेशन से 28 किमी दूर भवानीपुर गाँव के पार करतोया तट स्थान पर माता की पायल (तल्प) गिरी थी। इसकी शक्ति है अर्पण और भैरव को वामन कहते हैं।

36.श्रीपर्वत- श्रीसुंदरी
कश्मीर के लद्दाख क्षेत्र के पर्वत पर माता के दाएँ पैर की पायल गिरी थी। दूसरी मान्यता अनुसार आंध्रप्रदेश के कुर्नूल जिले के श्रीशैलम स्थान पर दक्षिण गुल्फ अर्थात दाएँ पैर की एड़ी गिरी थी। इसकी शक्ति है श्रीसुंदरी और भैरव को सुंदरानंद कहते हैं।
37.विभाष- कपालिनी
पश्चिम बंगाल के जिला पूर्वी मेदिनीपुर के पास तामलुक स्थित विभाष स्थान पर माता की बायीं एड़ी गिरी थी। इसकी शक्ति है कपालिनी (भीमरूप) और भैरव को शर्वानंद कहते हैं।

38.प्रभास- चंद्रभागा
गुजरात के जूनागढ़ जिले में स्थित सोमनाथ मंदिर के निकट वेरावल स्टेशन से 4 किमी प्रभास क्षेत्र में माता का उदर गिरा था। इसकी शक्ति है चंद्रभागा और भैरव को वक्रतुंड कहते हैं।
39.भैरवपर्वत- अवंती
मध्यप्रदेश के ‍उज्जैन नगर में शिप्रा नदी के तट के पास भैरव पर्वत पर माता के ओष्ठ गिरे थे। इसकी शक्ति है अवंति और भैरव को लम्बकर्ण कहते हैं।

40.जनस्थान- भ्रामरी
महाराष्ट्र के नासिक नगर स्थित गोदावरी नदी घाटी स्थित जनस्थान पर माता की ठोड़ी गिरी थी। इसकी शक्ति है भ्रामरी और भैरव है विकृताक्ष।
41.सर्वशैल स्थान
आंध्रप्रदेश के राजामुंद्री क्षेत्र स्थित गोदावरी नदी के तट पर कोटिलिंगेश्वर मंदिर के पास सर्वशैल स्थान पर माता के वाम गंड (गाल) गिरे थे। इसकी शक्ति है रा‍किनी और भैरव को वत्सनाभम कहते हैं'

42.गोदावरीतीर :
यहाँ माता के दक्षिण गंड गिरे थे। इसकी शक्ति है विश्वेश्वरी और भैरव को दंडपाणि कहते हैं।
43.रत्नावली- कुमारी
बंगाल के हुगली जिले के खानाकुल-कृष्णानगर मार्ग पर रत्नावली स्थित रत्नाकर नदी के तट पर माता का दायाँ स्कंध गिरा था। इसकी शक्ति है कुमारी और भैरव को शिव कहते हैं।

44.मिथिला- उमा (महादेवी)
भारत-नेपाल सीमा पर जनकपुर रेलवे स्टेशन के निकट मिथिला में माता का बायाँ स्कंध गिरा था। इसकी शक्ति है उमा और भैरव को महोदर कहते हैं।
45.नलहाटी- कालिका तारापीठ
पश्चिम बंगाल के वीरभूम जिले के नलहाटि स्टेशन के निकट नलहाटी में माता के पैर की हड्डी गिरी थी। इसकी शक्ति है कालिका देवी और भैरव को योगेश कहते हैं।

46.कर्णाट- जयदुर्गा
कर्नाट (अज्ञात स्थान) में माता के दोनों कान गिरे थे। इसकी शक्ति है जयदुर्गा और भैरव को अभिरु कहते हैं।
47.वक्रेश्वर- महिषमर्दिनी
पश्चिम बंगाल के वीरभूम जिले के दुबराजपुर स्टेशन से सात किमी दूर वक्रेश्वर में पापहर नदी के तट पर माता का भ्रूमध्य (मन:) गिरा था। इसकी शक्ति है महिषमर्दिनी और भैरव को वक्रनाथ कहते हैं।

48.यशोर- यशोरेश्वरी
बांग्लादेश के खुलना जिला के ईश्वरीपुर के यशोर स्थान पर माता के हाथ और पैर गिरे (पाणिपद्म) थे। इसकी शक्ति है यशोरेश्वरी और भैरव को चण्ड कहते हैं।
49.अट्टाहास- फुल्लरा
पश्चिम बंगला के लाभपुर स्टेशन से दो किमी दूर अट्टहास स्थान पर माता के ओष्ठ गिरे थे। इसकी शक्ति है फुल्लरा और भैरव को विश्वेश कहते हैं।

50.नंदीपूर- नंदिनी
पश्चिम बंगाल के वीरभूम जिले के सैंथिया रेलवे स्टेशन नंदीपुर स्थित चारदीवारी में बरगद के वृक्ष के समीप माता का गले का हार गिरा था। इसकी शक्ति है नंदिनी और भैरव को नंदिकेश्वर कहते हैं।
51.लंका- इंद्राक्षी
श्रीलंका में संभवत: त्रिंकोमाली में माता की पायल गिरी थी (त्रिंकोमाली में प्रसिद्ध त्रिकोणेश्वर मंदिर के निकट)। इसकी शक्ति है इंद्राक्षी और भैरव को राक्षसेश्वर कहते हैं।

52.विराट- अंबिका
विराट (अज्ञात स्थान) में पैर की अँगुली गिरी थी। इसकी शक्ति है अंबिका और भैरव को अमृत कहते हैं।
नोट : इसके अलावा पटना-गया के इलाके में कहीं मगध माना जाता है....

53. मगध- सर्वानन्दकरी
मगध में दाएँ पैर की जंघा गिरी थी। इसकी शक्ति है सर्वानंदकरी और भैरव को व्योमकेश कहते हैं।

१०) चार पुरुषार्थ 






लेखक ;- संकलनकर्ता ____रविकांत यादव  for more click ;-http://justiceleague-justice.blogspot.com/